कुछ दिन ऐसे भी गुजर कर देख लो
बाते तो रोज होती है, बिना बातों के भी देख लो
मज़ा तो मिलने मै बहुत है, इंतजार कर के भी देख लो
जो आसानी से मिल जाए वह प्यार ही क्या
प्यार मै अगर ना टूटे तो वो दिल ही क्या
महफिल हो अपनो की,
पर तुम न हो तो वोह महफिल ही क्या
ख्वाब सजाए तेरे, पर ये नींद ना आए
याद सताए तेरी मुझे चैन ना आए
तुम ही कह दो मुझे अब हम जाए तो कहां जाए...
No comments:
Post a Comment